दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम और मंत्रियों पर गाज
ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने के डर से पाकिस्तान सरकार ने ईंधन बचाने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। अब सरकारी दफ्तर हफ्ते में केवल चार दिन खुलेंगे। शेष दिनों में 50% कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। सरकार ने मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इतना ही नहीं, मंत्रियों की सैलरी और पेट्रोल कोटे में भी भारी कटौती का ऐलान किया गया है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार को बचाया जा सके।
शिक्षा व्यवस्था पर असर: 14 दिनों की छुट्टी
बढ़ते परिवहन खर्च और ईंधन की कमी के कारण इस हफ्ते के अंत से सभी स्कूल और कॉलेज दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे। शिक्षा मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि इस दौरान पढ़ाई ऑनलाइन मोड में जारी रखी जाए। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम हो और पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आए।
“वैश्विक हालात हमारे नियंत्रण में नहीं हैं, लेकिन हमें अपने संसाधनों को बचाना होगा। तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेतहाशा बढ़ रही हैं। यदि हमने अभी बचत नहीं की, तो देश में परिवहन और बिजली व्यवस्था ठप हो सकती है। यह फैसला देश के व्यापक हित में लिया गया है।”
— शहबाज शरीफ, प्रधानमंत्री, पाकिस्तान
इस फैसले के बाद लाहौर, कराची और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों के पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। स्थानीय निवासियों को डर है कि आने वाले दिनों में राशन और जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ेंगी। बिजली कटौती (Load Shedding) का समय भी बढ़ाया जा सकता है क्योंकि पावर प्लांट चलाने के लिए ईंधन की कमी हो रही है। सरकार का अगला कदम निजी क्षेत्र के लिए भी वर्किंग ऑवर्स कम करने का हो सकता है।

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