जमाखोरी रोकने के लिए लिया गया कड़ा फैसला
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए लिया गया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। सरकार को अंदेशा है कि युद्ध जैसी स्थितियों की खबरों के बीच लोग घबराहट में गैस की जमाखोरी (Hoarding) शुरू कर सकते हैं। इसी अनावश्यक बुकिंग को रोकने और वास्तविक जरूरतमंदों तक सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए 4 दिन का अतिरिक्त अंतर अनिवार्य किया गया है।
“मिडिल ईस्ट के हालातों के कारण सप्लाई चेन पर दबाव की संभावना है। 25 दिन का यह नियम केवल इसलिए है ताकि कोई भी उपभोक्ता स्टॉक जमा न करे और हर घर में सुचारू रूप से गैस पहुंचती रहे। यह एक एहतियाती कदम है।”
— वरिष्ठ अधिकारी, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
इस नियम का सबसे सीधा असर उन बड़े परिवारों पर पड़ेगा जिनकी गैस खपत अधिक है। आमतौर पर 5 से 6 सदस्यों वाले परिवारों में एक सिलेंडर 20 से 22 दिन ही चलता है। अब उन्हें अगला सिलेंडर बुक करने के लिए 25 दिन पूरे होने का इंतजार करना होगा। गैस एजेंसियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव करें ताकि 25 दिन से पहले कोई भी रिफिल सिस्टम द्वारा स्वीकार न की जाए हालांकि, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और छोटे 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों के लिए नियमों में कुछ रियायतें दी जा सकती हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर पर ही यह पाबंदी लागू है।

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