अंहकार सब बर्बाद कर देता है: प्रधानमंत्री का तीखा रुख
सिलीगुड़ी में आयोजित एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल सरकार का अंहकार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल और कार्यक्रम स्थल (वेन्यू) में बाधा डाली गई। पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में कहा कि एक दिन अंहकार सब कुछ बर्बाद कर देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आदिवासी समाज की पहली महिला राष्ट्रपति के सम्मान के साथ खिलवाड़ करना टीएमसी की मानसिकता को दर्शाता है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राज्य सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अंतिम समय में कार्यक्रम का स्थान बदल दिया था।
नारी शक्ति और संविधान के अपमान का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने रैली में मौजूद भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि टीएमसी को लगता है कि वे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को अपनी मर्जी से नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के सर्वोच्च पद पर आसीन महिला का अनादर बंगाल की गौरवशाली संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकता। गृह मंत्रालय पहले ही इस मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से जवाब तलब कर चुका है। पीएम मोदी ने जनता से आह्वान किया कि वे लोकतांत्रिक तरीके से इस अपमान का जवाब दें।
“बंगाल में देश और नारी शक्ति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान के लिए टीएमसी को माफ नहीं करेगी। अंहकार में डूबी यह सरकार भूल गई है कि यह देश संविधान से चलता है, किसी की जिद से नहीं। जनता इन्हें आने वाले समय में कड़ा सबक सिखाएगी।”
— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है। सिलीगुड़ी के बाघा जतिन पार्क और सफारी पार्क के आसपास सुरक्षा और राजनीतिक सरगर्मी तेज है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। वहीं, जिला प्रशासन राष्ट्रपति के दौरे को सुचारू बनाने के लिए गृह मंत्रालय की रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है। स्थानीय निवासियों के लिए अगले 24 घंटे संवेदनशील हो सकते हैं, क्योंकि सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग के प्रमुख चौराहों पर राजनीतिक रैलियों के कारण यातायात प्रभावित रहने की संभावना है।

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