सुबह 5 बजे कोच में घुसा हमलावर, नाक पर किया वार
आशुतोष महाराज गाजियाबाद से प्रयागराज की यात्रा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 5:00 बजे जब कोच के अधिकांश यात्री सो रहे थे, तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके केबिन में घुसा। हमलावर ने सीधे उनकी नाक काटने के उद्देश्य से चेहरे पर हमला किया। बचाव की कोशिश में उनके हाथों और उंगलियों पर भी गहरे जख्म आए हैं। शोर मचाने पर हमलावर वहां से भाग निकला। पीड़ित ने प्रयागराज जंक्शन पहुंचने पर रेलवे पुलिस (GRP) को मामले की जानकारी दी।
शंकराचार्य पर FIR कराने के बाद से मिल रही थी धमकियां
पीड़ित आशुतोष महाराज ने इस हमले को एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने हाल ही में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। महाराज का दावा है कि इस कानूनी कार्रवाई के बाद से ही उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने इस हमले को उसी विवाद से जोड़कर देखा है और अपनी जान को खतरा बताया है।
“हमलावर ने अचानक वार किया, उसका इरादा मेरी नाक काटने और हत्या करने का था। बहुत खून बहा, मैं किसी तरह जान बचाने के लिए टॉयलेट की ओर भागा और खुद को अंदर बंद कर लिया। यह हमला मुझे चुप कराने की कोशिश है।”
— आशुतोष महाराज, पीड़ित
“पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। सिराथू और प्रयागराज के बीच के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फर्स्ट एसी कोच के अटेंडेंट और चार्ट की जांच कर संदिग्धों की पहचान की जाएगी।”
— जीआरपी (GRP) अधिकारी, प्रयागराज जंक्शन
इस घटना ने वीआईपी कोचों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रयागराज जंक्शन पर पुलिस बल तैनात किया गया है। आशुतोष महाराज को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। रेलवे प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं कि हमलावर बिना टिकट या अनधिकृत रूप से फर्स्ट एसी कोच में कैसे प्रवेश कर गया। इस हाई-प्रोफाइल मामले के चलते प्रयागराज और वाराणसी के धार्मिक हलकों में तनाव बढ़ सकता है। पुलिस ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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