रंग पंचमी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां
पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 7 मार्च को शाम 07:17 बजे हुई थी, जिसका समापन आज 8 मार्च को रात 09:10 बजे होगा। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, आज पूरे दिन उत्सव मनाया जाएगा।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:01 से 05:50 तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:08 से 12:56 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:17 तक
पूजा की संपूर्ण सामग्री (Samaigri List)
देवताओं को प्रसन्न करने के लिए पूजा में इन सामग्रियों को जरूर शामिल करें:
लाल, पीला और गुलाबी गुलाल, गंगाजल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर), ताजे फूलों की माला (गेंदा या गुलाब), चंदन, ऋतु फल और माखन-मिश्री या लड्डू का भोग। भगवान के सामने शुद्ध घी का दीपक और अगरबत्ती जलाना न भूलें।
स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि
आज के दिन राधा-कृष्ण और माता लक्ष्मी के संग भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। सुबह जल्दी स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में उत्तर दिशा की ओर एक चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाकर भगवान की प्रतिमा स्थापित करें। सबसे पहले उनके चरणों में गुलाल अर्पित करें (चेहरे पर सीधे रंग न लगाएं)। इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
“रंग पंचमी के दिन हवा में गुलाल उड़ाने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि जब रंग के कण हवा में बिखरते हैं, तो वातावरण से रज-तम गुण नष्ट होते हैं और सात्विक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है।”
— ज्योतिषाचार्य, दिल्ली
आज के उत्सव के साथ ही ब्रज, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश (खासकर इंदौर की प्रसिद्ध गेर) में होली के कार्यक्रमों का औपचारिक समापन होगा। दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही विशेष दर्शन और ‘गुलाल अभिषेक’ के आयोजन किए जा रहे हैं। शाम के समय भी मंदिरों में भजन-संध्या का आयोजन होगा। प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे केवल प्राकृतिक रंगों का ही प्रयोग करें।

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