दिग्गजों के बीच फूलो देवी पर दोबारा भरोसा
कांग्रेस के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दीपक बैज और मोहन मरकाम जैसे दिग्गजों के नामों की चर्चा के बीच फूलो देवी नेताम का चयन पार्टी की रणनीतिक सोच को दर्शाता है। बस्तर अंचल के कोंडागांव से आने वाली फूलो देवी 2020 में पहली बार राज्यसभा पहुंची थीं। उन्हें दोबारा मौका देकर कांग्रेस ने आदिवासी नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण का संदेश देने का प्रयास किया है। उनका कार्यकाल 9 अप्रैल, 2026 को समाप्त हो रहा था।
भाजपा ने अपनी ओर से लक्ष्मी वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। लक्ष्मी वर्मा वर्तमान में राज्य महिला आयोग की सदस्य हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय रही हैं। भाजपा का यह दांव ओबीसी वोट बैंक और जमीनी कार्यकर्ताओं को साधने की कोशिश माना जा रहा है।
विधानसभा का गणित और जीत की राह
छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यीय विधानसभा में विधायकों की वर्तमान संख्या के आधार पर दोनों प्रमुख दलों के खाते में एक-एक सीट जाना लगभग तय है।
- भाजपा: 54 विधायक
- कांग्रेस: 35 विधायक
- अनिवार्य मत: एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 31 मतों की आवश्यकता है।
किसी भी अन्य उम्मीदवार के मैदान में न होने की स्थिति में, इन दोनों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। चुनाव आयोग के शेड्यूल के मुताबिक, 16 मार्च को मतदान (यदि आवश्यक हो) और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।
“पार्टी ने मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता पर दोबारा भरोसा किया है, इसके लिए मैं केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त करती हूं। सदन में छत्तीसगढ़ और बस्तर की आवाज उठाना मेरी प्राथमिकता रहेगी।”
— फूलो देवी नेताम, कांग्रेस उम्मीदवार
ट्रैफिक और सुरक्षा अलर्ट: नामांकन के अंतिम दिन आज विधानसभा मार्ग, जीरो पॉइंट और बलौदाबाजार रोड पर समर्थकों की भीड़ के कारण यातायात प्रभावित रह सकता है। रायपुर पुलिस ने विधानसभा के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया है। आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे इन रास्तों पर दोपहर 3 बजे तक जाने से बचें।

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