बेद्दावी कैंप में आधी रात को बरपा कहर
इजराइली लड़ाकू विमानों और ड्रोन्स ने त्रिपोली शहर के पास स्थित इस कैंप पर सटीक हमला किया। बेद्दावी कैंप उत्तरी लेबनान का वह क्षेत्र है जो अब तक सीधे सैन्य हमलों से काफी हद तक बचा हुआ था। शनिवार तड़के हुए इस हमले में एक रिहायशी इमारत पूरी तरह जमींदोज हो गई। हमास ने पुष्टि की है कि इस हमले में उनके एक कमांडर, सईद अताल्लाह अली, उनकी पत्नी और दो बेटियों की मौत हो गई है।
- स्थान: बेद्दावी रिफ्यूजी कैंप, त्रिपोली (उत्तरी लेबनान)।
- हताहत: हमास कमांडर समेत एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत।
- महत्व: युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार इस इलाके में इतना बड़ा हवाई हमला हुआ है।
ईरान की सीधी धमकी: “निशाने पर हैं इजराइली न्यूक्लियर प्लांट”
ईरान और इजराइल के बीच जारी इस सीधी जंग के छठे दिन तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरानी सैन्य सूत्रों ने सरकारी मीडिया के जरिए चेतावनी जारी की है कि उनके पास इजराइल के भीतर 10 से अधिक संवेदनशील ठिकानों की सूची तैयार है। इसमें डिमोना (Dimona) स्थित परमाणु रिएक्टर और कई सामरिक सैन्य ठिकाने शामिल हैं।
“इजराइल किसी भी गलतफहमी में न रहे। हमारे मिसाइल उनके परमाणु केंद्रों की दूरी और कोऑर्डिनेट्स को बखूबी जानते हैं। अगर हमला हुआ, तो जवाब की तीव्रता पहले से कई गुना अधिक होगी।”
— ईरानी सैन्य प्रवक्ता (तसनीम न्यूज़ के माध्यम से)
लेबनान में इस नए फ्रंट के खुलने से मानवीय संकट गहरा गया है। अब तक लगभग 3,75,000 लोग लेबनान छोड़कर सीरिया की ओर पलायन कर चुके हैं। बेद्दावी कैंप जैसे इलाकों में हमले बढ़ने से स्थानीय नागरिकों के पास अब छिपने की कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। तेल की कीमतों और वैश्विक बाज़ार पर भी इस युद्ध की छाया मंडराने लगी है, क्योंकि ईरान ने ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को बंद करने के संकेत दिए हैं।

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