तेहरान/मिनाब। इज़राइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विध्वंसक युद्ध का आज सबसे काला दिन रहा। दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में स्थित ‘शजरे तैयबा’ गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले के बाद आज वहां का मंजर देखकर पत्थर दिल भी पिघल गए। शनिवार को हुए हमले के बाद मलबे से निकाली गईं 165 छात्राओं का आज एक साथ जनाजा निकाला गया। सफेद कफन में लिपटी उन मासूमों की कतारें देख पूरा शहर चीख उठा और आसमान भी जैसे आंसू बहाने लगा।
हंसता-खेलता स्कूल बना कब्रगाह
28 फरवरी की सुबह, जब स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं, तभी एक भीषण मिसाइल हमले ने स्कूल की इमारत को मलबे के ढेर में बदल दिया। ईरान का दावा है कि यह हमला इज़राइली और अमेरिकी वायुसेना द्वारा किया गया। हमले के समय स्कूल में करीब 170 छात्राएं मौजूद थीं, जिनमें से अधिकांश की उम्र 7 से 12 साल के बीच थी। आज जब उनकी जनाजे की नमाज पढ़ी गई, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं।
पूरी दुनिया में आक्रोश की लहर
इस हमले ने वैश्विक समुदाय को हिलाकर रख दिया है।
-
यूनेस्को (UNESCO): ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
-
मलाला यूसुफजई: नोबेल विजेता मलाला ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे ‘अक्षम्य अपराध’ करार दिया है।
-
संयुक्त राष्ट्र (UN): ने इस हमले की स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि इज़राइल ने इस हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए जांच की बात कही है।
जंग का चौथा दिन: अब तक 780 से ज्यादा मौतें
ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, पिछले चार दिनों में इज़राइल-अमेरिका के हमलों में अब तक ईरान के 787 नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रियाद (सऊदी अरब) में अमेरिकी दूतावास और इज़राइल के तेल अवीव पर मिसाइलें दागी हैं। जंग की आग अब खाड़ी के अन्य देशों तक भी फैल चुकी है।
भारत की चिंताएं और एडवाइजरी
भारत सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को घरों के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को कहा है। आज भारत से जेद्दाह और मस्कट के लिए विशेष रिलीफ फ्लाइट्स (राहत उड़ानें) भी शुरू की गई हैं ताकि वहां फंसे यात्रियों को निकाला जा सके।

More Stories
The Sound of World War : ईरान ने बंद की होर्मुज जलसंधि; जहाजों को फूंकने की धमकी, भारत समेत दुनिया पर तेल संकट गहराया
Donald Trump Riyadh Statement : सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर हमला क्या पीछे हट रहे हैं ट्रंप? ‘जमीनी सेना’ पर दिया बड़ा बयान
तालिबान का पाकिस्तान पर भीषण पलटवार’ रावलपिंडी और क्वेटा के सैन्य ठिकानों पर ‘सटीक’ एयरस्ट्राइक का दावा