नई दिल्ली | जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक बार फिर रणक्षेत्र बन गई। गुरुवार दोपहर यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (JNUSU) द्वारा शिक्षा मंत्रालय तक आयोजित ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान भारी हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कैंपस का गेट तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की, जिसे रोकने पर पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
पुलिस का आरोप: पत्थरबाजी और दांत से काटा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्र हिंसक हो गए और उन्होंने पुलिस बल पर पत्थर, डंडे और जूते फेंके। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि हाथापाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को दांत से भी काटा। इस झड़प में करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें एसीपी और एसएचओ स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 51 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
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छात्रों की मुख्य माँगें
छात्रसंघ कई मुद्दों को लेकर यह प्रदर्शन कर रहा था, जिनमें प्रमुख हैं:
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UGC रेगुलेशन: ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी’ संबंधी यूजीसी रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह लागू करने की माँग।
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वीसी का इस्तीफा: कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित द्वारा हाल ही में दिए गए कथित ‘जातिवादी’ बयानों पर माफी और उनके इस्तीफे की माँग।
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रोहित एक्ट: कैंपस में भेदभाव रोकने के लिए ‘रोहित वेमुला एक्ट’ लागू करना।
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निलंबन वापसी: छात्रसंघ पदाधिकारियों के खिलाफ किए गए निष्कासन (rustication) के आदेश को रद्द करना।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का पक्ष
JNU प्रशासन ने इस प्रदर्शन को अवैध और कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि:
“छात्र उन UGC नियमों को लागू करने की जिद कर रहे हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक (Stay) लगा रखी है। कुलपति या रजिस्ट्रार के पास अदालत के आदेश के खिलाफ जाकर इन्हें लागू करने का कोई अधिकार नहीं है।”
प्रशासन ने यह भी आरोप लगाया कि छात्र संघ कैंपस में हुई तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यह विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
छात्रों ने लगाया पुलिस बर्बरता का आरोप
दूसरी ओर, JNUSU और छात्र संगठनों ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिनमें धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल दिख रहा है। छात्रसंघ का दावा है कि पुलिस कार्रवाई में कई महिला छात्राएं भी घायल हुई हैं।
फिलहाल, कैंपस के गेटों पर भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

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