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February 25, 2026

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Chhattisgarh Assembly : बस्तर के ‘निजीकरण’ पर सीएम का दोटूक जवाब, नशे के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन काफी हंगामेदार रहा। सदन में जहाँ एक ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर को लेकर फैल रहे ‘दुष्प्रचार’ पर विराम लगाया, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के ही विधायकों ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर अपनी ही सरकार के प्रशासन को घेरा।

मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण: “बस्तर को किसी उद्योगपति को नहीं सौंपा जाएगा”

सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष और अन्य माध्यमों से चल रही खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “बस्तर को उद्योगपतियों को सौंपे जाने की बात पूरी तरह से दुष्प्रचार है।” उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि बस्तर की जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है और विकास कार्यों का लाभ स्थानीय आदिवासियों को ही मिलेगा।

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अजय चंद्राकर का बड़ा दावा: “प्रदेश में 2 लाख ड्रग यूजर”

नशे के मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने अपनी ही सरकार के प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि प्रदेश में 2 लाख से अधिक ड्रग यूजर हैं। चंद्राकर ने कहा कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री धड़ल्ले से हो रही है और प्रशासन इसे रोकने में पूरी तरह असफल रहा है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया।

गृहमंत्री का बचाव: “प्रशासन फेल नहीं, कार्रवाई जारी”

विधायकों के तीखे सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रशासन के फेल होने के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि:

  • पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

  • गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी पर रिकॉर्ड जब्ती की गई है।

  • नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही।

गिग वर्कर्स की सुरक्षा का उठा मुद्दा

सदन में ऑनलाइन डिलीवरी और सेवा क्षेत्र से जुड़े गिग वर्कर्स (Gig Workers) की सामाजिक सुरक्षा और उनके अधिकारों का मुद्दा भी गूंजा। विधायकों ने मांग की कि इन कर्मचारियों के लिए स्पष्ट नीति और सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए।

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