ट्रंप का ‘टैरिफ समझौता’ और भारत की नई ऊर्जा नीति
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ महीनों से चल रहा व्यापारिक तनाव अब कम होता दिख रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 2 फरवरी 2026 को बड़ी घोषणा की। डील के तहत भारत अब रूस से कच्चे तेल की खरीद धीरे-धीरे कम करेगा। इसके बदले में वाशिंगटन ने भारत पर लगा 25% का भारी टैरिफ पूरी तरह हटा लिया है। साथ ही, भारत पर लगने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को भी 25% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
इस कूटनीतिक जीत के बाद जनवरी 2026 में मध्य-पूर्व (Middle East) के देशों से तेल की खरीद ने पिछले चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए फिर से खाड़ी देशों का रुख किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और आपूर्ति की स्थिरता पर सीधा असर पड़ा है।
“भारत हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। सऊदी अरब के साथ हमारे संबंध रणनीतिक हैं। अमेरिकी टैरिफ में कटौती हमारे निर्यातकों और पेट्रोलियम सेक्टर के लिए एक बड़ी राहत है।”

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