रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में नव-नियुक्त पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सख्त तेवर दिखाते हुए सिविल लाइन थाना प्रभारी दीपक पासवान को तत्काल प्रभाव से ‘लाइन अटैच’ कर दिया है। कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद राजधानी में किसी थाना प्रभारी पर यह पहली बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई मानी जा रही है।
कार्रवाई की मुख्य वजह: बढ़ता अपराध और पेंडेंसी
पुलिस कमिश्नर कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, दीपक पासवान के खिलाफ यह कार्रवाई मुख्य रूप से दो कारणों से की गई है:
CG NEWS : कोलाब नदी में पिकनिक मनाने गए CISF जवान की डूबने से मौत, छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर मातम
-
अपराधों की बढ़ती पेंडेंसी: थाने में दर्ज पुराने मामलों के निराकरण में अत्यधिक देरी और जांच की धीमी गति को लेकर कमिश्नर ने नाराजगी जताई थी।
-
अपराध नियंत्रण में विफलता: पिछले कुछ समय से सिविल लाइन क्षेत्र में अपराधों के ग्राफ में बढ़ोतरी देखी जा रही थी। पुलिसिंग में ढिलाई और इलाके में अपराधियों के बढ़ते हौसलों पर अंकुश न लगा पाना कार्रवाई का मुख्य आधार बना।
कमिश्नरेट प्रणाली का असर
23 जनवरी 2026 से रायपुर में औपचारिक रूप से पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू हुआ है। डॉ. संजीव शुक्ला ने पदभार ग्रहण करते ही स्पष्ट कर दिया था कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
-
जवाबदेही तय: इस कार्रवाई से शहर के अन्य थाना प्रभारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अब जनता की सुरक्षा और अपराधों के त्वरित निराकरण में किसी भी प्रकार की कोताही पद से हटाए जाने का कारण बन सकती है।
-
नया थाना प्रभारी: फिलहाल सिविल लाइन थाने की जिम्मेदारी किसी अन्य अनुभवी अधिकारी को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।

More Stories
Bhilai Steel Plant Accident : BSP ब्रेकिंग न्यूज़ , पावर हाउस यूनिट में टरबाइन ब्लास्ट से मची चीख-पुकार, कई कर्मी गंभीर रूप से झुलसे
CG Animal Husbandry Department : छत्तीसगढ़ पशुपालन विभाग का बड़ा एक्शन , पीपीई किट पहनकर फार्म में घुसे डॉक्टर, 1.20 करोड़ का नुकसान
Governor Ramen Deka News : छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के खिलाफ कानून होगा और सख्त, राजभवन से हरी झंडी मिलने की तैयारी