वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान पर तीखा पलटवार किया है। शनिवार को काशी (वाराणसी) में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक या सरकारी प्रमाणपत्र की मोहताज नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री के ‘योगी’ होने पर भी सवाल खड़े करते हुए इस बहस को नई दिशा दे दी है।
‘योगी’ पद और ‘मुख्यमंत्री’ की कुर्सी पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पिछले दिनों शंकराचार्य पद की गरिमा और उसकी नियुक्ति को लेकर दिए गए बयान पर कटाक्ष करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा:
CG NEWS : सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: उन्नत वेतन पैकेज और करोड़ों का बीमा कवर
“अगर आप खुद को योगी कहते हैं, तो फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर क्यों बैठे हैं? एक योगी का काम राजसत्ता का मोह त्याग कर तपस्या करना होता है। राजनीति और धर्म के मापदंड अलग-अलग होते हैं।”
सरकारी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध
शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित परंपराओं के अनुसार ही पदों का निर्धारण होता है, न कि किसी चुनावी प्रक्रिया या सरकारी आदेश से। उन्होंने कहा:
-
स्वतंत्र पहचान: सनातन धर्म की व्यवस्था स्वायत्त है, इसमें सरकार का दखल बर्दाश्त नहीं।
-
प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं: धर्म के सर्वोच्च पदों के लिए किसी भी राजनीतिक दल या सत्ता के ‘सर्टिफिकेट’ की आवश्यकता नहीं है।
क्या था विवाद का मुख्य कारण?
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में कहा था कि “कोई भी खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता” और इस पद की एक गरिमा व निश्चित प्रक्रिया होती है। सीएम के इस बयान को सीधे तौर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जोड़कर देखा गया था, जिनकी नियुक्ति को लेकर पूर्व में कुछ कानूनी और धार्मिक आपत्तियां उठाई गई थीं।
सनातन परंपरा और वर्तमान टकराव
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जोर देकर कहा कि धर्म के मामलों में धर्माचार्यों का निर्णय ही अंतिम होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में राजनीति धर्म के ऊपर हावी होने की कोशिश कर रही है, जो कि शास्त्रों के विरुद्ध है।

More Stories
Assembly Election 2026 Voting : मिशन 2026 , तीन राज्यों में 11 बजे तक बंपर वोटिंग, मतदान केंद्रों पर उमड़ा जनसैलाब
CRPF Recruitment 2026 : वर्दी का सपना होगा सच! CRPF में सिपाही और ट्रेड्समैन के 9195 पदों पर निकली बंपर वैकेंसी
Congress HQ Protest : खड़गे के बयान के खिलाफ सड़कों पर उतरीं महिलाएं, कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद झुके अध्यक्ष