14 फरवरी तक जारी रहेगी सुनवाई और सत्यापन
वर्तमान में, निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों (ERO) द्वारा प्राप्त दावों और आपत्तियों पर गहन सुनवाई की जा रही है। दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन और सुनवाई की यह प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक चलेगी। जिन मतदाताओं का नाम साल 2003 की आधार सूची से मेल नहीं खा रहा था, उन्हें ERO द्वारा नोटिस जारी कर साक्ष्य मांगे गए थे। प्रशासन का दावा है कि सभी संबंधित मतदाताओं को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से न छूटे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के निर्देशानुसार, 23 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद से ही शिकायतों का अंबार लगा था, जिसे अब युद्धस्तर पर सुलझाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 1.84 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का बारीकी से मिलान किया गया है।
आधिकारिक बयान
“हमारा लक्ष्य एक शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है। वर्तमान में 98% नोटिसों का निराकरण हो चुका है। 14 फरवरी तक शेष सत्यापन पूरे कर लिए जाएंगे और 21 फरवरी को राज्यभर में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।” — यशवंत कुमार (IAS), मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़
आम नागरिकों के लिए क्या है खास?
मतदाता सूची के इस पुनरीक्षण का सीधा असर आगामी चुनावों पर पड़ेगा। यदि आपने अभी तक अपना नाम चेक नहीं किया है, तो 14 फरवरी तक संबंधित बीएलओ (BLO) या ईआरओ कार्यालय जाकर अपनी स्थिति जान सकते हैं। 21 फरवरी को सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद, नागरिक voters.eci.gov.in पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए भी अपना नाम देख सकेंगे। जो युवा 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के हो चुके हैं, उनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया को इस बार विशेष प्राथमिकता दी गई है।

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