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January 25, 2026

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Vasant Panchami 2026

Vasant Panchami 2026

Vasant Panchami 2026 : बुधादित्य और सर्वार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग में मनेगा विद्या का पर्व, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

Vasant Panchami 2026 :  विद्या, बुद्धि और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना का महापर्व वसंत पंचमी इस वर्ष 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इस वर्ष यह पर्व कई दुर्लभ और शुभ ज्योतिषीय योगों के कारण विशेष फलदायी माना जा रहा है।

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शुभ मुहूर्त और तिथि का समय

ज्योतिष गणना के अनुसार, पंचमी तिथि का प्रारंभ 23 जनवरी 2026 को तड़के 02:28 बजे से होगा और इसका समापन 24 जनवरी 2026 को रात 01:46 बजे होगा। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, सरस्वती पूजा 23 जनवरी को ही की जाएगी।

  • पूजा का सबसे शुभ समय: सुबह 07:13 AM से दोपहर 12:33 PM तक।

  • कुल अवधि: लगभग 5 घंटे 20 मिनट।

बन रहे हैं दुर्लभ संयोग: बुधादित्य और गजकेसरी योग

इस वर्ष वसंत पंचमी पर ग्रहों की स्थिति अत्यंत अनुकूल है। पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य और बुध की युति से ‘बुधादित्य योग’ बन रहा है, जो करियर और शिक्षा में उन्नति के लिए श्रेष्ठ है। इसके साथ ही चंद्रमा और गुरु की स्थिति से ‘गजकेसरी योग’ का निर्माण हो रहा है, जो मानसिक शांति और बौद्धिक विकास में सहायक होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग की उपस्थिति इस दिन किए गए कार्यों को सफल बनाएगी।

विद्यार्थियों के लिए क्यों है खास?

शास्त्रों में वसंत पंचमी को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना गया है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य या विद्यारंभ संस्कार (बच्चों की पढ़ाई शुरू करना) के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।

  • पीले रंग का महत्व: इस दिन पीले रंग को प्रधानता दी जाती है क्योंकि यह ऊर्जा, समृद्धि और भगवान सूर्य की शक्ति का प्रतीक है।

  • साधना: विद्यार्थी इस दिन अपनी पुस्तकों, कलम और वाद्ययंत्रों की पूजा करते हैं ताकि मां शारदे की कृपा उन पर बनी रहे।

पूजा विधि के मुख्य बिंदु

  1. सुबह जल्दी स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें।

  2. मां सरस्वती की प्रतिमा को पीली चुनरी और पीले गेंदे के फूल अर्पित करें।

  3. भोग में केसरिया भात, बूंदी के लड्डू या पीली मिठाई का प्रयोग करें।

  4. “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करें।

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