रायपुर/बिलासपुर)। नवापारा-राजिम में हाल ही में हुई सर्राफा दुकान में लूट की सनसनीखेज घटना के बाद पूरे छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबारियों में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने न सिर्फ व्यापारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने सुरक्षा को लेकर कड़ा और अहम फैसला लिया है।
घटना के बाद प्रदेश स्तरीय सर्राफा एसोसिएशन ने रायपुर में एक आपातकालीन हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की, जिसमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद समेत कई जिलों के सराफा व्यापारी शामिल हुए। बैठक के बाद एसोसिएशन ने बड़ा निर्णय लेते हुए ऐलान किया कि अब प्रदेशभर की सराफा दुकानों में हेलमेट, नकाब या बुर्का पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। एसोसिएशन का मानना है कि लूट और चोरी की घटनाओं में अपराधी अक्सर अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट या चेहरा ढकने वाले कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे सीसीटीवी फुटेज में उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह फैसला किसी समुदाय या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों की पहचान स्पष्ट होने से अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा और पुलिस जांच में भी सहयोग मिलेगा।
इसके साथ ही सर्राफा एसोसिएशन ने सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों में हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम, और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना स्थानीय पुलिस को देने की अपील भी की गई है।

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