Kanker News : कांकेर जिले से एक बेहद संवेदनशील और दुखद खबर सामने आई है। आदिवासी नेता जीवन ठाकुर और उनके बेटे नीरज ठाकुर की मौत के बाद पूरे आदिवासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। परिजनों और समाज के लोगों ने इस मामले के लिए वन अमले को जिम्मेदार ठहराते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामला वन अधिकार पट्टा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस विवाद को लेकर जीवन ठाकुर, उनके बेटे नीरज ठाकुर सहित अन्य लोगों के खिलाफ चारामा थाना में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद 12 अक्टूबर 2025 को सभी की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तारी के बाद से ही आदिवासी समाज में नाराजगी देखी जा रही थी।
जेल में बिगड़ी तबीयत, फिर हुई मौत
आदिवासी नेता जीवन ठाकुर को 2 दिसंबर 2025 को कांकेर जेल से रायपुर जेल स्थानांतरित किया गया था। बताया गया कि 4 दिसंबर 2025 की सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जीवन ठाकुर की मौत की खबर जैसे ही फैली, इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। परिजनों और समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज और मानवीय रवैया नहीं अपनाया गया, जिसकी वजह से उनकी जान चली गई।
बेटे नीरज ठाकुर की मौत से बढ़ा आक्रोश
पिता की मौत के बाद सदमे में रहे नीरज ठाकुर की भी कुछ समय बाद मौत हो गई। पिता–पुत्र की लगातार हुई मौतों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। आदिवासी समाज का कहना है कि यह केवल एक परिवार का नुकसान नहीं, बल्कि आदिवासियों के हक और अधिकारों की लड़ाई को दबाने की कोशिश है।

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