Land Record , रायपुर/दिल्ली। जमीन से जुड़े कामों को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब देश के 19 राज्यों के नागरिक अपने जमीन के कागजात (लैंड रिकॉर्ड) घर बैठे डिजिटल रूप में डाउनलोड कर सकेंगे। खास बात यह है कि ये दस्तावेज कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य होंगे, जिससे जमीन की खरीद-बिक्री, नामांतरण और बैंक लोन जैसी प्रक्रियाएं पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएंगी।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, भूमि संसाधन विभाग द्वारा जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल करने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। इसके तहत खसरा, खतौनी, नक्शा और अन्य भूमि दस्तावेजों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस योजना का एक और बड़ा लाभ यह है कि देश के 406 जिलों में बैंक अब ऑनलाइन ही जमीन गिरवी रखने (मॉर्गेज) से जुड़ी जानकारी की जांच कर सकेंगे। इससे लोन प्रक्रिया में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। पहले जहां दस्तावेजों के सत्यापन में हफ्तों लग जाते थे, वहीं अब कुछ ही दिनों में यह प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
डिजिटल लैंड रिकॉर्ड व्यवस्था से जमीन से जुड़े विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है। रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी होने से फर्जी दस्तावेज, दोहरी रजिस्ट्री और गलत प्रविष्टियों पर रोक लगेगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कामकाज भी अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगा।
भूमि संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में सभी राज्यों को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। साथ ही, जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण और म्यूटेशन जैसी सेवाओं को भी पूरी तरह ऑनलाइन करने पर काम चल रहा है। इसका उद्देश्य “डिजिटल इंडिया” अभियान के तहत भूमि प्रशासन को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना है।

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