Dhirendra Shastri , खैरागढ़। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खैरबना में इन दिनों राजपरिवार के तत्वावधान में संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन के दौरान कथावाचक आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री, जिन्हें लोग ‘चाय वाले बाबा’ के नाम से भी जानते हैं, अपने बेबाक और स्पष्ट वक्तव्यों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उनके विचारों ने न सिर्फ श्रद्धालुओं, बल्कि देशभर के धार्मिक विमर्श को भी नई दिशा दे दी है।
कार्यक्रम के दौरान और बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री ने वर्तमान दौर के सनातन धर्म और धार्मिक आयोजनों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कुछ ऐसे संकेत दिए, जिनका सीधा संदर्भ चर्चित कथावाचकों और बड़े धार्मिक मंचों से जोड़ा जा रहा है। खास तौर पर उनके बयान को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
“सनातन हवा में तैर रहा है, जमीन पर उतारने की जरूरत”
चाय वाले बाबा ने कहा कि आज देश में सनातन धर्म की चर्चा तो खूब हो रही है, लेकिन उसकी आत्मा कमजोर होती जा रही है।
उन्होंने कहा, “आज सनातन हवा में तैर रहा है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि धर्म क्या है और पाखंड क्या है। दोनों के बीच का फर्क अगर नहीं समझा गया, तो अध्यात्म का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा।”
उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले जब सौ लोग कथा सुनते थे, तो उनके भीतर सचमुच अध्यात्म जागता था। लोग अपने जीवन में बदलाव लाते थे, संयम और संस्कार को अपनाते थे। लेकिन आज हालात बदल गए हैं।

More Stories
साइबर फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई : बीजेपी विधायक Purandar Mishra से ठगी करने वाला आरोपी ओडिशा से गिरफ्तार
CG Crime : पेंड्रा में सनसनीखेज वारदात’ सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या, 60 लाख के जेवर लूटकर फरार हुए बदमाश
CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर जारी, राजनांदगांव सबसे ज्यादा तपाया, 29 मई से बारिश के आसार